रेलवे स्टेशन पर शंटिंग के दौरान खाली ट्रेन के दो कोच पटरी से उतरने के मामले में सीएंडडब्लू विभाग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। पता चला है कि कोचों की अगस्त में पीरिओडिक ओवर हालिंग (तय अवधि में मेंटेनेंस काम) होनी थी, लेकिन इसके पहले ही कोच मेंटेनेंस मांगने लगे थे। चूंकि, कोच पूर्व रेलवे के हैं, इसलिए उनकी कमियां पकड़ में नहीं आ सकीं। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर शंटिंग के दौरान खाली ट्रेन के दो कोच पटरी से उतर गए थे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद कोचों को पटरियों पर रखा जा सका। दोनों कोच इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में कैरिज एंड वैगन (सीएंडडब्लू) विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है। सोमवार को संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किस गए। दरअसल, कोचों की अगस्त 2020 में पीरिओडिक ओवर हालिंग (तय अवधि में मेंटेनेंस काम) होनी थी, लेकिन इसके पहले ही कोच मेंटेनेंस मांगने लगे थे। चूंकि, कोच पूर्व रेलवे के हैं, इसलिए उनकी कमियां पकड़ में नहीं आ सकीं। संबंधित रैक (कोच) श्रमिक एक्सप्रेस में लगकर झांसी आ गए थे।