मऊरानीपुर/बंगरा। ग्राम पठाकरका निवासी सुनीता कुशवाहा ने उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति की मृत्यु के बाद वह गोंदिया (महाराष्ट्र) चली गई थीं। जहां मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। लेकिन जब वह गांव लौटीं तो उन्हें पता चला कि उसके भतीजाें ने लेखपाल से मिलकर फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर उनकी जमीन को अपने नाम विरासत करवा लिया। इतना ही नहीं, उनके घर पर भी जबरन कब्जा कर लिया गया था। शिकायत के बाद मऊरानीपुर के नायब तहसीलदार ने घर का कब्जा वापस दिलाया, लेकिन खेती की जमीन पर भतीजा कब्जा किए है। जमीन को कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की। संवाद