अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का लालच देकर साइबर जालसाज खासतौर से कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं। कारोबारी भी बिना पड़ताल किए लाखों रुपये निवेश कर देते हैं। पिछले छह माह के दौरान झांसी रेंज में 13 मामले ऐसे सामने आ चुके, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी की आड़ लेकर ठगी की गई। खास बात यह है कि इन सभी को ऑनलाइन माध्यम से ही खाता खुलवाने की बात कही गई। सभी जालसाजों की इस बात पर आकर अपनी रकम गवां बैठे।
शिकायत मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है लेकिन, ऑनलाइन माध्यम से पैसा निवेश करने से पहले जांच-पड़ताल करनी चाहिए। सबसे पहले जानकार व्यक्ति से मिलकर इसके बारे में समझना चाहिए। उसके बाद ही कोई कदम उठाना चाहिए। - आलोक अग्रहरि, सीओ, साइबर सेल
केस एक- सदर बाजार निवासी ऋषभ सक्सेना के पास ऑनलाइन माध्यम से क्रिप्टो एक्सचेंज में निवेश का ऑफर आया। उसमें दिए नंबर पर कॉल लगाने पर बिटक्वाइन, ईथर, डि-सेंटरलैंड जैसे क्वाइन से भरपूर फायदा होने का लालच दिया गया। ऋषभ उनकी बातों में आ गया। उन्होंने वॉलेट में 2.15 लाख रुपये डाल दिए। कुछ समय तक उनको मुनाफा दिखा लेकिन बाद से वॉलेट दिखना बंद हो गया।
केस दो- सीपरी बाजार निवासी सुनील साहू रेडिमेड कपड़ों का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बिटक्वाइन से पैसा कमाने का लालच देकर वॉलेट में पैसे डलवाए गए। पैसा जमा कराने के कुछ समय बाद अब उनका लाॅगिंग, पासवर्ड फेल हो गया। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की है।
केस तीन - नवाबाद के सिविल लाइंस निवासी गौरव गुप्ता भी साइबर ठगों का शिकार बन गए। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले उनको टेलिग्राम ग्रुप से जोड़ा गया। इसमें कई क्रिप्टो क्वाइन के बारे में बताया गया था। उन्होंने 50 हजार रुपये खाते में डाल दिए लेकिन अब एप में लॉगइन नहीं हो रहा है।
केस चार - मानिक चौक निवासी राजेश सोनी का कहना है कि उनसे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 45 हजार रुपये ले लिए गए लेकिन, ठगों ने उनके वाॅलेट का कोई पासवर्ड नहीं बताया।