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15मई से शुरू हो सकती हैं कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं

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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं दो मार्च से शुरू हुई थीं। कोरोना वायरस के बढ़ते असर को देखते हुए लगभग 15 दिन बाद परीक्षाएं टाल दी गईं। इसके बाद देशभर में कोरोना पांव पसारता चला गया और परीक्षा अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी गईं। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी। अब प्रदेश सरकार ने 20 अप्रैल से सरकारी कार्यालय 33 फीसदी स्टाफ के साथ खोलने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं, विश्वविद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू करने को लेकर केंद्र और प्रदेश स्तर पर समितियां गठित की हैं। हाल ही में प्रदेश स्तरीय समिति ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। आखिर में सभी विश्वविद्यालयों को अपने यहां के हालातों को देखते हुए परीक्षाएं शुरू कराने के लिए कहा गया। चूंकि, बुंदेलखंड में सिर्फ बांदा जनपद में कोरोना का असर हुआ है। साथ ही यदि तीन मई के बाद लॉकडाउन और नहीं बढ़ाया जाता है तो फिर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय 15 मई के आसपास परीक्षाएं शुरू कर सकता है। कम प्रश्न, तीन पालियों में परीक्षा पर मतभेद वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान तीन पालियों में परीक्षा कराने पर भी चर्चा हुई। साथ ही कहा गया कि प्रश्नपत्र दोबारा तैयार कर प्रश्न कम कर दिए जाएं। इस पर कुलपतियों में मतभेद रहा। कुछ कुलपतियों ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है। फिर से दोबारा प्रश्नपत्र के लिए एक्सपर्ट नामित कर छपवाने, केंद्रों का दोबारा निर्धारण करने से और अधिक समय लगेगा। कुछ कुलपतियों ने कहा कि यदि लॉकडाउन से सत्र थोड़ा विलंबित हुआ है तो इसे पटरी पर ले आया जाएगा। लॉकडाउन और कोरोना वायरस की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए ही परीक्षाओं को लेकर फैसला लिया जाएगा। यदि लॉकडाउन तीन मई से आगे नहीं बढ़ता है और कोरोना वायरस के नए मामले नहीं आते हैं तो 15 मई के आसपास परीक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। - प्रो. जेवी वैशम्पायन, कुलपति, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय।
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