झांसी। दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित नैक के मूल्यांकन से पहले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने आठ महीने में 85 एमओयू कर लिए हैं। इसमें कई अनुबंध विदेशी संस्थानों के साथ हुए हैं। अनुसंधान और विस्तार गतिविधि के मानकों को बेहतर करने के लिए बीयू ने इस दिशा में तेजी से काम किया है। ताकि, नैक की ग्रेडिंग सुधर सके।
शोध कार्यों में बीयू काफी पीछे रहा है। बताया गया कि गर्वनेंस और रिसर्च में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने की वजह से ही पिछली बार बीयू के हाथ से नैक की ए ग्रेडिंग फिसल गई थी और विश्वविद्यालय को बी प्लस-प्लस ग्रेड से संतोष करना पड़ा था। इस बार बीयू ने रिसर्च एंड एक्सटेंशन में सुधार करने का प्रयास किया है। इसमें एमओयू, सहभागिता, रिसर्च प्रोडक्ट और प्रकाशन आदि आता है। इसके तहत बीयू ने फरवरी से अब तक 85 संस्थानों के साथ एमओयू किया है। इसमें सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय सहयोग संगठन, स्पेन का ग्रेनेडा विश्वविद्यालय, अमेरिका का वेनी क्रिएटर क्रिश्चियन विश्वविद्यालय, मलेशिया के सेंस विश्वविद्यालय समेत लगभग एक दर्जन विदेशी संस्थान शामिल हैं।
बीयू ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय संस्थान के साथ पिछले आठ महीने में एमओयू किए हैं। इससे शैक्षणिक और शोध कार्य की गुणवत्ता बढ़ेगी। साथ ही फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध कर सकते हैं। डीएसटी, एआईसीटीई समेत राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के प्रोजेक्ट मिल सकेंगे। - प्रो. मुकेश पांडेय, कुलपति, बीयू।