झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय मंगलवार को राजभवन में कुलाधिपति के सामने नैक की तैयारियों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करेगा। इस दौरान जानकारी दी जाएगी कि निरीक्षण के लिए विश्वविद्यालय कितना तैयार है। यदि कोई कमी मिलती है तो राजभवन की ओर से सुधार के निर्देश दिए जाएंगे।
इस बार बीयू चौथी दफा नैक का मूल्यांकन कराने जा रहा है। अक्तूबर या नवंबर में नैक की टीम का निरीक्षण प्रस्तावित है। इससे पहले राजभवन बीयू की तैयारियों का जायजा लेगा। 16 अगस्त को बीयू के अधिकारी और नैक का काम देख रहे इंचार्ज राजभवन पहुंचेंगे। नैक के सात बिंदुओं के लिए बीयू ने अलग-अलग समन्वयक नियुक्त किए हैं, जो कि अपने-अपने कामकाजों के बारे में बताएंगे। मौजूदा समय में बीयू के पास नैक का बी प्लस-प्लस ग्रेड है। चूंकि, इस बार राजभवन की ओर से भी ग्रेडिंग सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में बीयू के सामने इस बार का नैक का मूल्यांकन करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
पिछली बार शोध में पिछड़ा था विवि
नैक के पिछले मूल्यांकन के दौरान विश्वविद्यालय शोध में पिछड़ गया था और बी प्लस-प्लस ग्रेड ही मिल पाया था। बताया गया कि सबसे ज्यादा 250 प्वाइंट्स भी शोध के होते हैं। ऐसे में इस बार भी रिसर्च में सुधार होने पर बीयू की ग्रेडिंग सुधरेगी। नैक के समन्वयक प्रो. सुनील काबिया ने बताया कि तीन सीजीपीए लाने पर ए ग्रेड मिलता है। जबकि, 3.25 सीजीपीए पर ए प्लस और 3.5 पर ए प्लस-प्लस ग्रेड प्राप्त होता है।