झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 21 दिसंबर को हुए बवाल की जांच कर रही समिति को कैंपस और बाहरी हॉस्टल में रहने वाले नौ छात्र दोषी मिले हैं। इसमें इंजीनियरिंग, फार्मेसी और आईटीएचएम आदि विभागों के छात्र शामिल हैं। अब इनके खिलाफ भी निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है। कमेटी ने कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कमेटी ने इस घटना के पीछे की वजह रैगिंग नहीं माना है।
कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्रों ने आरोप लगाया था कि कई दिनों से लार्ड बुद्धा हॉस्टल में रहने वाले छात्र उन्हें परिचय देने के लिए छात्रावास में बुला रहे थे। मगर जूनियर छात्रों ने सीनियर के पास जाने से इंकार कर दिया। बुधवार को ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम में जूनियर छात्रों के बैठे होने की जानकारी पर लार्ड बुद्धा हॉस्टल के विद्यार्थी बाहर इकट्ठा हो गए थे। इसकी सूचना जब जूनियर्स ने अपने साथियों को दी तो वो मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों गुटों में जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडे चले। इसके बाद पहले कैंपस के अंदर और फिर बाहर सड़क पर दोनों गुटों ने पथराव किया। इससे कई छात्रों का सिर फट गया। चार छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। मामले की जांच का जिम्मा कुलानुशासक मंडल को मिला। अब समिति ने वीसी को जांच रिपोर्ट दे दी है। बताया गया कि छात्रों के खिलाफ 15 दिन से लेकर दो महीने तक कैंपस और हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई हो सकती है।
जांच में नौ छात्र दोषी मिले हैं। इसमें कैंपस और बाहरी छात्रावास के रहने वाले छात्र भी शामिल हैं। जांच रिपोर्ट कुलपति को दे दी है। जांच में रैगिंग की पुष्टि नहीं हुई है। छात्रों के बीच पहले से चल रहे आपसी विवाद की वजह से ये घटना हुई है। - प्रो. आरके सैनी, चीफ प्रॉक्टर, बीयू।