झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में चार-पांच दिनों में पांच करोड़ की लागत से बनी बायो सेफ्टी लेवल-3 (बीएसएल) लैब शुरू हो जाएगी। फिर इसी लैब कोरोना समेत बेहद खतरनाक वाइरस और बैक्टीरिया की जांच सकेगी। लैब से संक्रमण के बाहर जाने का खतरा न के बराबर रहेगा। बृहस्पतिवार को डीएम आंद्रा वामसी ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर लैब का निरीक्षण किया। मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य कार्यालय के ठीक बगल में बीएसएल-3 लैब बनी हुई है। बीएसएल-3 लैब लोहे के बंकरनुमा आकृति की है। इस लैब में जैसे ही कोई डॉक्टर प्रवेश करेगा, उसका पूरा शरीर स्ट्रेलाइज हो जाएगा। ताकि, बाहर का कोई भी वाइरस, बैक्टीरिया इत्यादि लैब में न जा सके। सैंपल कलेक्शन की प्रक्रिया ऑटोमेटिक होगी। टेस्ट ट्यूब में सैंपल रखने के लिए डॉक्टर को मशीन के अंदर हाथ डालना पड़ेगा। इसके बाद ऑटोमेटिक मशीन सैंपल ले लेगी। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित होगी। जांच के दौरान वाइरस फैलने की संभावना नगण्य रहेगी। अब यह लैब लगभग बनकर तैयार हो चुकी है। लैब शुरू होने के बाद यहीं पर कोरोना वायरस, यलो फीवर, स्वाइन फ्लू समेत हवा के जरिए फैलने वाले वाइरस, बैक्टीरिया की जांच होगी। इस लैब में किसी भी बाहरी व्यक्ति के जाने की अनुमति नहीं होगी। जांच नमूने के लिए भी ऑटोमेटिक व्यवस्था होगी। इस लैब की खासियत ये है कि इससे संक्रमण के बाहर जाने का खतरा न के बराबर रहता है। लैब के बीचों-बीच सैंपल खोलने की व्यवस्था होती है। यदि सैंपल गिर भी जाता है तो हवा का दबाव इस प्रकार होता है कि संक्रमण बाहर नहीं निकलता। बृहस्पतिवार को डीएम ने लैब का निरीक्षण करने के बाद कहा कि लैब की तैयारी पिछले एक महीने से चल रही थी। लैब शुरू होने के बाद ज्यादा से ज्यादा सैंपलयहां जांच के लिए आ सकेंगे।