झांसी। मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत के बाद भी जिले की सड़कों पर आवारा गोवंश घूम रहे हैं। समय सीमा भी काम नहीं आई, झांसी में मोहल्लों और चौराहों पर अन्ना गोवंश नजर आ रहे हैं। अमर उजाला की टीम जब शहर का जायजा लिया तो भूखे-प्यासे अन्ना पशु घूमते मिले। कई तो पशुपालकों द्वारा छोड़ दिए गए थे। बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी मेें अन्ना पशु सड़ी-गली सब्जी खा रहे थे। इनको कोई देखने वाला नहीं था। वहीं, मिनर्वा चौराहे पर अन्ना पशुआें का झुंड जमा दिखा। इधर, नई बस्ती, लाल स्कूल के पास कई पशुपालक अपनी गायों को शाम के बाद खुला छोड़ देते हैं।
पशु अस्पताल में जांच के लिए पैथोलॉजी नहीं
शहर में पशुओं के लिए दो अस्पताल बनाए गए हैं। इनमें एक बस स्टैंड के पास और पंचवटी में है। इनमें गाय-भैंस समेत अन्य पशुओं का उपचार किया जाता है। लेकिन, अस्पताल के लिए अलग से कोई बजट नहीं आता है, पशुआें की वैक्सीन व दवाएं सीधे मुख्यालय से खरीदी जाती हैं। पशु चिकित्सक कृष्ण राजपूत बताते हैं कि एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड और जांच के लिए पैथोलॉजी नहीं है। गाय को रखने के लिए मैट इत्यादि भी नहीं हैं। इसके लिए विभाग को अवगत कराया गया है।
बातचीत
मंडी में सब्जी खरीदने आते हैं तो यहां सैकड़ों गाय पॉलिथीन आदि खाती हुई मिलती हैं। - स्वदेश
शहर में जगह-जगह गाय सड़कों पर घूमती हैं, पशुपालक और सरकार इन पर ध्यान नहीं देते। - सुशील रायकवार
चार गोशालाओं के निर्माण के लिए पैसा आया है। जल्द ही गोशालाओं का निर्माण कराकर पशुओं को वहां रखा जाएगा, साथ ही जो गोशालाएं संचालित हैं। उनका लगातार निरीक्षण कर पशुओं को भेजा जाएगा। - डॉ. अशोक कुमार, सीवीओ