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Jhansi News: भाजपा एमएलसी पर करोड़ों की जमीन कब्जाने का आरोप

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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बीकेडी प्रबंध समिति ने पूर्व प्राचार्य एवं एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि वह एमएलसी होने का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। बीकेडी हॉस्टल के पीछे करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर कब्जा कर लिया है। मंगलवार को प्रेस वार्ता में प्रबंधक मनोहर लाल बाजपेयी व अध्यक्ष केशभान सिंह पटेल ने बताया कि बीकेडी आम लोगों ने चंदा एकत्रित कर बनाया था। शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी ने प्राचार्य पद पर रहते हुए पत्नी ममता तिवारी के पक्ष में तथाकथित विक्रयपत्र 31 मार्च 2015 में गनेश, घनश्याम एवं जगदीश निवासी सिविल लाइन से भूमि सं. 56, 65, 66 व क्षेत्रफल 2100 वर्गफीट का दिखाया है। यह विक्रयपत्र शून्य है, क्योंकि राजस्व अभिलेख के अनुसार विक्रेता गनेश व जगदीश अंकित भूमि के मालिक नहीं हैं। जो चौहद्दी दर्शाई है, वह भी नहीं है। विक्रयपत्र में भूमि सं. 56, 65, 66 अंकित है, जबकि बंदोबस्ती नक्शे में भूमि सं. 56 से 65 व 66 की दूरी आधा किमी से अधिक है। बड़े बाबू के ऑफिस के पीछे छह हजार वर्गफीट, हॉस्टल के पीछे की भूमि एवं शिक्षक आवास के पीछे 30 हजार वर्ग फीट पर पूर्व प्राचार्य कब्जा किए हैं। आरोप है कि डॉ. तिवारी सत्ता पक्ष के शिक्षक विधायक होने का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। उनसे शिक्षक आवास सं. ए-9 एवं ए-10 उच्च न्यायालय के आदेश पर खाली कराया था, जिसका वर्षों का किराया भुगतान नहीं किया है। जमीन पर कब्जे के लिए फर्जी हस्ताक्षरों से चिटफंड कार्यालय में 105 साधारण सभा आजीवन एवं दानदाता सदस्यों की सूची जमा की। महाविद्यालय के खाते में सदस्यता शुल्क भी जमा करा दिया। सात जुलाई 2023 को पुरानी सूची एवं बनाई सूची को मर्ज करते हुए 256 सदस्यों की सूची चिटफंड कार्यालय में जमा कर दी। विधान परिषद में शिकायत के बाद रजिस्ट्रार चिटफंड ने जमा सूची को अवैध माना एवं 2015-16 में पंजीकृत सूची को वैध करार दिया। इस दौरान प्रबंध समिति के सदस्य सुरेश भार्गव, राजीव नायक, लक्ष्मी प्रसाद यादव आदि मौजूद रहे।
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