अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड में वैश्य वर्ग को साधने के लिए भाजपा ने पूर्व मेयर रामतीर्थ सिंघल को एमएलसी प्रत्याशी बनाया है। रामतीर्थ व्यापारी वर्ग में पकड़ रखते हैं। अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन पर दांव लगाने के पीछे पार्टी की मंशा वैश्य समाज में मजबूत पैठ बरकरार रखने की है।
2017 में प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद निकाय चुनाव में झांसी मेयर सीट सामान्य होने पर भाजपा ने रामतीर्थ को प्रत्याशी घोषित किया था। इसके पीछे भी बीजेपी की मंशा थी कि रामतीर्थ के जरिए बुंदेलखंड में वैश्य समाज को साधा जाए। क्योंकि, तब वैश्य वर्ग से बुंदेलखंड में कोई जनप्रतिनिधि नहीं था। रामतीर्थ चुनाव जीतकर मेयर भी बने। 2023 के निकाय चुनाव में झांसी मेयर सीट अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हो गई और बिहारी लाल आर्य चुनाव जीतकर मेयर बन गए। इसके बाद भाजपा के अंदर वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग फिर उठने लगी। अब फिर से पार्टी ने रामतीर्थ पर भरोसा जताते हुए एमएलसी प्रत्याशी बना दिया है।
जिला मंत्री, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री तक रहे
1974 में रामतीर्थ एबीवीपी में सक्रिय हो गए थे। 1980 में वो भाजपा से जुड़े। राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने कारसेवा की। इसके बाद 1993 से 1997 तक वो भाजपा के जिला महामंत्री रहे। वो प्रदेश व्यापार कर सलाहकार समिति के सदस्य, लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष, बीजेपी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री भी रह चुके हैं। व्यापार जगत से भी उनका नाता है।