झांसी। शुक्रवार को ललितपुर के अधीक्षण अभियंता को प्रबंध निदेशक द्वारा निलंबित किए जाने को लेकर बिजली विभाग के अफसर भड़क गए हैं। शनिवार को अफसरों ने धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। इन लोगों ने प्रबंध निदेशक की निंदा करते हुए कहा कि वह अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए लखनऊ गए हुए थे लेकिन फिर भी कार्रवाई कर दी गई।
शनिवार की शाम पांच बजे उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के आह्वान पर विद्युत वितरण खंड के सभी अभियंताओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर पर एकत्रित होकर प्रबंध निदेशक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों का कहना था कि 12 अक्तूबर को ललितपुर के अधीक्षण अभियंता अपने सभी विभागीय कार्य पूरा करके अपनी बीमार पत्नी का उपचार कराने लखनऊ गए थे। तभी उसी रात तकरीबन डेढ़ बजे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आगरा के प्रबंध निदेशक अमित किशोर तालबेहट पहुंचे और वह स्थानीय अधिकारियों के साथ रात में ही बकायेदारों के काटे गए कनेक्शनों का निरीक्षण करने लगे। इस दौरान अधीक्षण अभियंता अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद बिना किसी विभागीय प्रक्रिया को अपनाए और बिना अधीक्षण अभियंता का पक्ष जाने ही प्रबंध निदेशक ने 13 अक्तूबर को अधीक्षण अभियंता नरेश पाल सिंह को निलंबित कर दिया, जो बहुत ही दुखद और अमानवीय कार्य है। प्रबंधन द्वारा की गई इस प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ विरोध प्रदर्शन कर इसकी घोर निंदा करता है। इस दौरान अभियंता संघ ने मुख्य अभियंता से अधीक्षण अभियंता को तत्काल बहाल कराए जाने की मांग की। इस मौके पर अभियंता संघ की क्षेत्रीय सचिव नेहा सिंह, अधिशासी अभियंता डी. यादवेंदु, अनुभव कुमार, शैलेंद्र कटियार, शाखा सचिव कुलदीप श्रीवास्तव, उपखंड अधिकारी वीरेंद्र कुमार, सुमित गोयल, विकास सोनी, पवन साहू आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।