अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) उत्तर प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएगा। यह नोएडा से भी बड़ा और सुनियोजित औद्योगिक क्षेत्र होगा। झांसी की सड़क और रेल मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से बीडा के त्वरित विकास की संभावनाएं जताई जा रहीं हैं।
पिछले साल फरवरी माह में लखनऊ में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद झांसी में बीडा के गठन की कार्यवाही शुरु की गई थी। महज एक साल में ही यह तेजी से परवान चढ़ गई है। इसके लिए झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,285 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई है और चिह्नित जमीन को लेने की कार्यवाही भी तेजी से शुरू कर दी गई है। इसके अलावा इसे 47 साल पहले बने न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) से भी बेहतर बनाने की तैयारी है। विश्वस्तरीय एजेंसियों के माध्यम से इसका मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा। बीडा को सबसे बड़ा लाभ झांसी की रेल और सड़क मार्ग से पूरे देश भर से बेहतर कनेक्टिविटी का मिलेगा। यहां स्थापित होने वाले उद्योगों से तैयार होने वाला माल देश कि किसी भी हिस्से में आसानी से भेजा जा सकेगा। यही वजह है कि बीडा की प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर एक अलग पहचान होगी।
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बीडा की प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र में एक अलग पहचान होगी। यह नोएडा से भी बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होगा। बीडा के बन जाने से बुंदेलखंड क्षेत्र का बेहद तीव्र गति से औद्योगिक विकास होगा। - अमृत त्रिपाठी, सीईओ-बीडा