अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण का विस्तार अंबावाय तक हो सकता है। यहां की 250 एकड़ भूमि बीडा के दायरे में आ सकती है। बीडा प्रशासन ने झांसी विकास प्राधिकरण से अंबावाय समेत 33 गांवों में पास अथवा लंबित नक्शों की जानकारी मांग ली है। यदि ऐसा हुआ तो नई झांसी के लिए जेडीए को 50 फीसदी जमीन नए सिरे से तलाशनी पड़ सकती है।
झांसी में बुंदेलखंड का सबसे बड़ा औद्योगिक गलियारा बीडा का गठन होना है। इसके लिए झांसी के 33 गांवों की जमीन खरीदी जानी है। गांवों की जमीन खरीद के लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। बीडा को विश्व स्तरीय शहर की तरह बसाया जाना है। इसके बनने के बाद झांसी समेत बुंदेलखंड में न सिर्फ रोजगार, स्टार्ट अप के नए-नए अवसर खुलेंगे। बल्कि, इस पिछड़े क्षेत्र की तस्वीर भी बदल जाएगी। बताया गया कि बीडा का विस्तार अंबावाय तक हो सकता है। यहां की 250 एकड़ भूमि बीडा के दायरे में आ सकती है। चूंकि, झांसी विकास प्राधिकरण ने करारी, रुंदकरारी और अंबावाय में 512 एकड़ में नई झांसी बसाने का निर्णय लिया है। करारी और रुंदकरारी में जमीन की खरीद भी शुरू कर दी है। ऐसे में अंबावाय की जमीन बीडा के दायरे में आने पर जेडीए को नई झांसी के लिए 50 फीसदी जमीन कहीं और तलाशनी पड़ेगी। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि रुंदकरारी में काफी जमीन है। ऐसे में अगर जरूरत पड़ी तो रुंदकरारी में जमीन खरीदी जा सकती है। वहीं, बीडा प्रशासन ने जेडीए से अंबावाय समेत 33 गांवों में जेडीए द्वारा पास किए गए अथवा लंबित नक्शों की जानकारी मांग ली है।
वर्जन..
जेडीए ने अंबावाय समेत 33 गांवों में कितने नक्शे पास किए हैं अथवा कितने नक्शे लंबित हैं। इनकी जानकारी मांगी है। अंबावाय तक बीडा का विस्तार हो सकता है। - अमृत त्रिपाठी, सीईओ, बीडा।
जल्द ही बीडा के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसमें जो भी तय होगा। उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- आलोक यादव, उपाध्यक्ष, जेडीए।