अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए अगले सप्ताह किल्चवारा खुर्द, रमपुरा व गुढ़ा की जमीनें भी ली जाने लगेंगी। इसके लिए इन तीनों गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबकि, वर्तमान में तीन गांवों की जमीनों के ही बैनामे हो रहे हैं, तीन और गांव बढ़ने से जमीन लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
नोएडा की तर्ज पर झांसी में औद्योगिक शहर बीडा विकसित किया जा रहा है। यह झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन पर बसाया जा रहा है। जमीन लेने की शुरुआत आठ फरवरी को ग्राम सारमऊ से हुई थी। इसके बाद अंबावाय और ढिकौली की जमीनों के बैनामे शुरू हुए थे। अब तक इन तीनों गांवों के जमीनों के 216 बैनामे हो चुके हैं, जिसके जरिये 225 हेक्टेअर जमीन बीडा के नाम दर्ज की जा चुकी है। लेकिन, अब जमीन लेने की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ने वाली है। अगले सप्ताह से ग्राम किल्चवारा खुर्द, रमपुरा व गुढ़ा की जमीनों के बैनामे किए जाने लगेंगे। इन तीनों गांवों में राजस्व विभाग की ओर से सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है, जिसके जरिये ली जाने वाली जमीनें व उन पर स्थित परिसंपत्तियां कुएं, पेड़, नलकूप, निर्माण आदि का ब्योरा इकट्ठा कर लिया गया है। सब रजिस्ट्रार सुभाष चंद्र ने बताया कि किल्चवारा खुर्द, रमपुरा व गुढ़ा की जमीनों के बैनामे शुरू होने से बीडा के पक्ष में जमीन लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। अगले सप्ताह इन तीनों गांवों की जमीनों के बैनामे होने लगेंगे। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
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निबंधन विभाग का खूब भर रहा खजाना
बीडा के लिए हो रहे बैनामों से निबंधन विभाग को खूब राजस्व हासिल हो रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बीडा के लिए अब तक हुए 216 बैनामों से 16 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी मिल चुकी है। जबकि, 2.37 करोड़ रुपये का निबंधन शुल्क हासिल हुआ है। निबंधन विभाग को बीडा के सभी बैनामो से लगभग एक अरब रुपये राजस्व हासिल होने की उम्मीद है।