झांसी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में और पारदर्शिता लाने के लिए लाभार्थी किसानों का भूलेख से सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए राजस्व और कृषि विभाग किसानों की भूमि का उनकी खतौनी से मिलान करेंगे। शासन द्वारा इसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है लेकिन अब तक एक लाख का ही सत्यापन हो पाया है। जबकि दस दिन में लगभग पौने दो लाख किसानों का सत्यापन करना है, ऐसे में लेखपालों की कमी के कारण सत्यापन होना चुनौती भरा है। इससे कई किसान योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
कृषि विभाग के आंकड़ों में लगभग 2,75,000 किसान दर्ज हैं, जिनका डाटा सत्यापन के लिए राजस्व विभाग को सौंपा गया है। जनपद की सभी तहसीलों की 496 ग्राम पंचायतों में 200 से ज्यादा लेखपालों को सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में लेखपालों की कमी के कारण काम धीमी गति से चल रहा है। अब तक महज एक लाख किसान ही दर्ज हो पाएं हैं। अब राजस्व विभाग को दस दिन में पौने दो लाख किसानों का डाटा सत्यापित करना है।
उधर, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का कहना है कि किसानों का डाटा राजस्व विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है। लगातार इसके लिए कृषि व राजस्व विभाग की टीमें लगी हुई हैं, तय समय में सत्यापन करा लिया जाएगा।