अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पुलिस को चकमा देने के लिए सटोरिए नेपाल के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके सहारे धड़ल्ले से ऑनलाइन सट्टेबाजी का खेल चल रहा है, लेकिन विदेशी नंबर होने से पुलिस सर्विलांस टीम भी इनको ट्रेस नहीं कर पा रही है। आईपीएल के साथ महानगर के पॉश इलाकों में सट्टेबाजी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस से बचने के लिए शातिर सटोरिए आधुनिक तकनीक की मदद ले रहे हैं। कुछ दिनों के भीतर पकड़े गए सट्टेबाजों से पुलिस ने नौ आईफोन बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, सट्टेबाज आईफोन के फेस टाइम का इस्तेमाल करते हैं। नेपाल के नंबरों से इस पर अपनी आईडी बना ली। इसके बाद यूएई में बने एप से देश भर में सट्टे का खेल चलता है। पुलिस ने सट्टेबाज गैंग से बरामद तीन डायरियां और बही खातों के जरिए करीब 53 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता लगाया है। बता दें, एक अप्रैल को सर्वनगर के प्लेटिनम अपार्टमेंट से सट्टेबाज गैंग का भंडाफोड़ हुआ था। इसमें पुनावली गांव के प्रधान जय सिंह समेत पांच युवक पकड़े गए। इनके पास से तीन डायरी, एक बहीखाता बरामद किया गया। गिरोह के मुख्य एडमिन के तौर पर नगरा निवासी धर्मेंद्र साहू पुत्र वृंदावन साहू का नाम सामने आया था। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। इसके साथ पुलिस को अभी भी अभिषेक राय, सोमेश राय, आकाश ठाकुर, दीपेश राजपूत, निर्देश चतुर्वेदी, राजू झा की तलाश है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक, सट्टेबाजों की धरपकड़ के लिए एसआईटी गठित की गई है। टीम आरोपियों को तलाश रही है।