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झांसी में दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता हुई खराब, एक्यूआई 150 के पार

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झांसी। दिवाली से पहले ही झांसी में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। हाल ये है कि 20 दिन पहले जो वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सौ के करीब रहता था, वो मंगलवार को बढ़कर डेढ़ सौ के पार पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली पर आतिशबाजी से एक्यूआई 230-240 तक पहुंच सकता है।
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झांसी की आबोहवा काफी बेहतर होती है। पर्यावरण के जानकारों के अनुसार एक्यूआई की अनुमानित सीमा 120 होती है, मगर झांसी में वायु गुणवत्ता सूचकांक अक्सर 90 से 100 के बीच रहता है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग में लगे स्टेशन के आंकड़ों को देखें तो झांसी में एक्यूआई मंगलवार को 151 पहुंच गया। इसमें बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। साथ ही कई लोग सांस रोगी भी बन सकते हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पर्यावरण विभाग की समन्वयक डॉ. स्मृति त्रिपाठी ने बताया कि दशहरा में आतिशबाजी हुई। इसके बाद से भी कई लोग पटाखे छुड़ा रहे हैं। साथ ही त्योहार पर लोगों ने दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहन भी खूब खरीदें। इन वाहनों के सड़कों पर दौड़ने से भी प्रदूषण बढ़ा है। इसीलिए वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी हुई है। दीपावली पर पटाखे छूटने से एक्यूआई 230 से 240 तक पहुंचने की आशंका है।
लंग कैंसर से लेकर सीओपीडी की बीमारी हो सकती
मेडिकल कॉलेज के टीबी एवं चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मधुर्मय शास्त्री ने बताया कि जब हम सांस लेते हैं तो फेफड़े से फिल्टर होकर ऑक्सीजन शरीर में जाती है। ऐसे में प्रदूषण का असर तो सभी अंगों पर पड़ता है। लेकिन सबसे पहले ये फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। कई शोध में दावा किया गया है कि लंग कैंसर का भी बहुत बड़ा कारण प्रदूषण है। इसकी वजह से युवाओं को भी अस्थमा का बिगड़ा रूप यानी कि सीओपीडी की बीमारी हो रही है।
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