झांसी। थाना कोतवाली इलाके में चूड़ी विक्रेता की गला रेतकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार की सुबह उसका शव एक निर्माणाधीन मकान में पड़ा मिला। सीसीटीवी फुटेज के जरिये पुलिस हत्यारे की तलाश में जुटी हुई है। लेकिन हत्या किस वजह को लेकर हुई, घरवाले भी इसका कारण नहीं बता पा रहे हैं।
उन्नाव गेट बाहर रहने वाले ओमप्रकाश कोष्टा का मुहल्ले में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बन रहा है। अभी खिड़की-दरवाजे लगना बाकी हैं। बृहस्पतिवार की सुबह तकरीबन साढ़े पांच बजे ओमप्रकाश रोज की तरह मकान की तराई करने पहुंचे। यहां नीचे एक कमरे में उन्हें किसी युवक का शव पड़ा नजर आया। इससे वह घबरा कर वापस लौट आए और पत्नी अनीता को लेकर सीधे उन्नाव गेट चौकी पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
मौके पर शव की शिनाख्त हंसारी निवासी स्वर्गीय शिवशंकर गुप्ता के पुत्र अमित गुप्ता उर्फ लाला (38) के रूप में की गई। पुलिस की सूचना पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
जानकारी होने पर डीआईजी जोगेंद्र कुमार और एसएसपी राजेश एस ने भी घटना स्थल का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, जिसमें रात तकरीबन एक बजे अमित गुप्ता एक युवक के साथ गली से गुजरता नजर आ रहा है। सीसीटीवी फुटेज व घटना स्थल से जुटाए गए सुबूतों के आधार पर पुलिस हत्यारे की तलाश में जुटी हुई है।
शराब पीने का था आदी, नहीं जाता था घर
झांसी। मृतक के एक भाई दतिया गेट बाहर निवासी निर्मल ने बताया कि अमित दो दिन पहले घर से निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। उन्होंने बताया कि अमित मानिक चौक में चूड़ी का ठेला लगाता था और शराब पीने का आदी था। अक्सर रात में वह जहां जगह मिलती थी, वहीं सो जाता था। बृहस्पतिवार की शाम वह उनके घर भी आया था और उनकी पत्नी से 50 रुपये ले गया था। इसके बाद सुबह उसका शव पड़े होने की सूचना मिली।
जहां शव मिला, पहले उसी मुहल्ले में रहता था अमित
झांसी। मृतक अमित छह भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी एक बहन भी है। जबकि, पिता की दो साल पहले मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि जिस मुहल्ले में शव मिला है, यह सभी लोग पहले इसी उन्नाव गेट बाहर मुहल्ले ही रहते थे। लेकिन, कुछ साल पहले वे अपना पुश्तैनी मकान बेचकर हंसारी में किराये के मकान में रहने लगे थे। मारा गया अमित भी हंसारी में ही रहता था।