संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पिछले साल कूटरचित दस्तावेज के आधार पर करोड़ों रुपये की जीएसटी की हेराफेरी करने वाले की जमानत अर्जी एडीजे प्रथम सुनील यादव ने निरस्त कर दी।
अभियोजन के मुताबिक दिसंबर 2025 में राज्य कर के कर्मचारी देवेंद्र पटेल ने कोतवाली थाने में तहरीर दी थी कि नीरज रंजन गुप्ता ने काजल एंटरप्राइजेज के ऑनलाइन अभिलेख में कूटरचना कर जीएसटी की चोरी की है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया था। चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। एडीजे प्रथम की अदालत में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि मामला गंभीर है। कूटरचित दस्तावेज के आधार पर जीएसटी की चोरी की गई है। इस आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। उसे जेल भेजने का आदेश दिया।