झांसी। थाना कोतवाली इलाके में आठ दिन पहले हुई कारोबारी की कार से 33 लाख रुपये उड़ाने की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पड़ोसी की रेकी पर बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 27,19,000 रुपये बरामद कर लिए हैं। जबकि, घटना के तीन आरोपी अभी फरार हैं।
चंद्रशेखर आजाद मुहल्ला निवासी कारोबारी अजीत मिश्रा की कार से 16 जुलाई की रात बाइक सवार बदमाशों ने 33 लाख रुपये से भरा बैग गायब कर दिया था। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश कर दिया है। कारोबारी के ऑफिस के पास रहने वाला मेहंदी बाग निवासी रोहित विश्वकर्मा उर्फ बैटरी छह महीने से कारोबारी पर नजर रखे हुए था। वह उसके ऑफिस में आता-जाता भी था। उसने जानकारी जुटा ली थी कि कारोबारी का नकदी लेकर आना-जाना लगा रहता है। कारोबारी की रकम लुटवाने के लिए उसने कई बदमाशों ने संपर्क किया था। एक ने इसके लिए हामी भर दी थी। घटना को अंजाम देने के लिए अन्य लोगों को भी गैंग में शामिल किया गया था। घटना की सुबह रोहित कारोबारी के घर ऑफिस पहुंचा था। कारोबारी की गाड़ी का नंबर उसने गैंग के अन्य लोगों को बताया था। कारोबारी के रात में छतरपुर से लौटने पर हाईवे से ही उस पर नजर रखी जाने लगी थी। बस स्टैंड से दो बाइकों पर सवार चार बदमाश उसकी गाड़ी के पीछे हो लिए थे। कारोबारी के ऑफिस के करीब पहुंचते ही उन्होंने घटना को अंजाम दे डाला। यहां से सभी बाइक से पुलिया नंबर नौ पहुंचे। यहां कार में सवार होकर गोविंदपुरी गए, जहां लूट के माल का बंटवारा हुआ। रेकी करने वाले रोहित को चार लाख मिले। बाइक सवार बदमाशों के हिस्से में पांच-पांच लाख तथा बाकी दो आरोपियों को 4.5-4.5 लाख रुपयेे आए।
एसएसपी शिवहरी मीणा ने बताया कि घटना के चार आरोपी झोकनबाग निवासी इसरार खान उर्फ बाबूजी, सिविल लाइन निवासी अब्दुल सईद, टपरियन मुहल्ला हंसारी निवासी नीरज वर्मा व मेहंदी बाग निवासी रोहित विश्वकर्मा उर्फ बैटरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, तीन आरोपी अभी फरार हैं।