परिजनों के यहां पहुंचने के बाद पुलिस ने शव को उनके कब्जे में देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, शूटर गुलाम का शव लेने के उसकी पत्नी का भाई और एक रिश्तेदार भी पहुंचे।
मुठभेड़ के 24 घंटे बाद भी असद और गुलाम के शव लेकर यहां भारी ऊहापोह मची हुई थी। पुलिस अफसर भी शव सौंपने को लेकर पशोपेश में फंसे हुए थे। परिजनों के आने में विलंब को देखते हुए पुलिस ने जीवन शाह तिराहा स्थित कब्रिस्तान में भी शव दफनाने की वैकल्पिक व्यवस्था की हुई थी।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि परिजनों की इच्छा अगर यहां दफनाने की होगी, तब इसे देखते हुए जीवन शाह कब्रिस्तान में यह व्यवस्था की गई थी। असद के परिजनों के रात करीब आठ बजे झांसी से प्रयागराज लेकर रवाना होने की उम्मीद है।