झांसी। नगर निकाय चुनाव का आरक्षण फार्मूला तय होते ही पार्षद उम्मीदवार मन मुताबिक आरक्षण के लिए आला अफसरों की गणेश परिक्रमा में जुट गए हैं। रोजाना ही बड़ी संख्या में भावी पार्षद उम्मीदवार अपने वार्ड का खाका जानने नगर निगम दफ्तर पहुंच रहे हैं। अपने मन-मुताबिक वार्ड का आरक्षण कराने के लिए दिग्गज नेताओं के यहां भी जमघट लगना शुरू हो गया है।
नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना 18 नवंबर के बाद कभी भी जारी होे सकती है वहीं, चार नवंबर तक वार्डों का आरक्षण तय किया जाना है। इसको लेकर निगम गलियारे में गहमा-गहमी तेज हो गई है। शासनादेश के मुताबिक इस दफा भी चक्रानुक्रम के मुताबिक वार्डों का आरक्षण होगा। इसके अंतर्गत पिछली बार जो सीटें आरक्षित थीं, वह सीट इस दफा उस वर्ग में आरक्षित नहीं होंगी हालांकि इनको दूसरे वर्ग को आरक्षित किया जा सकेगा। भावी उम्मीदवार इसी आधार पर अपने वार्ड को अपने मन मुताबिक आरक्षण की पैरवी में जुटे हैं।
कई उम्मीदवार वर्ष 2007, 2012 एवं वर्ष 2017 के आरक्षण के आधार पर अपने वार्ड के आरक्षण की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसके लिए निगम अफसरों से लेकर दिग्गज नेताओं तक से पैरवी कराई जा रही है। वहीं, अपर नगर आयुक्त मो.कमर का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक ही वार्डों का आरक्षण होगा।
वर्ष 2017 की पिछड़ी आबादी के आंकड़ों का होगा इस्तेमाल
झांसी। वार्डों के आरक्षण में वर्ष 2017 में पिछड़ी आबादी के लिए कराए गए रैपिड सर्वे के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। वर्ष 2011 की आबादी के आधार पर ही वार्डों की संख्या इस चुनाव में भी साठ रहेगी। अपर नगर आयुक्त के मुताबिक आरक्षण को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। चार नवंबर तक आरक्षण का प्रस्ताव तैयार करके इसे शासन को भेज दिया जाएगा।