इसके बाद वे संदीप को घसीटते हुए घर के आंगन में ले आए। शोर सुनकर श्रेयांश भी जाग गए। इस पर बदमाशों ने श्रेयांश पर लोहे की छड़ व तमंचे की बट से वार किया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। इसके बाद बदमाशों ने घर में रखी एक चादर फाड़ी और श्रेयांश, बेटे संदीप और बहू नेहा के हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद घर की चाबियां अपने कब्जे में लेने के बाद बदमाशों ने तसल्ली से घर खंगाला। अलमारियां खोलकर बदमाशों ने 15 लाख रुपये नकद और 23 लाख रुपये मूल्य के 350 ग्राम सोने व चार किलो चांदी के आभूषण अपने कब्जे में ले लिए। श्रेयांश की पत्नी सविता के गले से सोने की चेन, कान के झुमके व पैरों में पहने हुए चांदी के बिछुए भी उतरवा लिए।
इसके बाद घर के चार सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया और उनके तीन मोबाइल भी छीन लिए। जाते-जाते बदमाशों ने कारोबारी के घर से सटे जैन मंदिर में रखी दान पेटी में जमा नकदी भी अपने कब्जे में ले ली और दुकान का गल्ला भी खंगाल डाला। कारोबारी के घर में बदमाश करीब डेढ़ तक रहे।
बदमाशों के जाने के बाद श्रेयांश जैन ने किसी तरह अपना मुंह खोला और मुंह से बेटे संदीप के हाथ खोले। इसके बाद मुश्किल से दरवाजा खोलकर सभी बाहर आए और घटना की सूचना पड़ोसियों को दी। जानकारी होने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की।
जिले में दस दिन में दूसरी डकैती
दस दिन पहले होली की रात टोड़ीफतेहपुर थाने के ग्राम ढुरवई में किसान श्रवण कुमार बाजपेयी के घर बदमाशों ने 64 लाख रुपये डकैती की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने हाल ही में इस घटना का खुलासा किया है। लेकिन, एक के बाद एक डकैती की घटना के सामने आने से लोगों में दहशत है।