बिल्डरों के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इनकम और प्रॉपर्टी के दस्तावेज खंगालने पर सामने आया है कि बिल्डरों के साथ रियल एस्टेट कारोबार में कुछ डॉक्टरों ने भी अपनी मोटी रकम लगा रखी है। परतें उधेड़ने पर इसके सुबूत भी आईटी टीमों के हाथ लगे हैं। ऐसे में शहर के कुछ नामचीन डॉक्टर भी आयकर की जांच के घेरे में आ सकते हैं।
घनाराम ग्रुप व उससे जुड़े बिल्डरों के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार की सुबह छापा मारा था। तब से लगातार टीमें पड़ताल में जुटी हुईं हैं। शुक्रवार को भी बिल्डरों के ठिकानों पर दिन भर दस्तावेज, हार्ड डिस्क खंगाले जाते रहे। सामने आया है कि बिल्डरों के साथ कुछ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में शहर के कुछ नामचीन डॉक्टरों ने अपनी करोड़ों की रकम लगा रखी है।
इसके पक्के सुबूत आयकर विभाग के हाथ लग गए हैं। इसकी जब परतें खोली गईं तो सामने आया कि डॉक्टरों ने निवेश सीधे तौर पर न करके दूसरों के नाम से कर रखा है। कुछ डॉक्टरों के नाम सीधे सामने आ गए हैं तो कुछ के नाम बिल्डरों के कच्चे दस्तावेजों में कोड वर्ड में दर्ज पाए गए। अब तक की जांच में आठ डॉक्टरों के नाम सामने आ चुके हैं। आगे की जांच में यह संख्या बढ़ भी सकती है। इसके अलावा कोड में लिखे नामों को स्पष्ट करने में एक्सपर्ट जुटे हुए हैं।
तीसरे दिन भी नहीं लौटा सीए, अस्पताल में भर्ती
शुक्रवार को भी चार्टर्ड अकाउंटेंट दिनेश सेठी के घर में आयकर की जांच नहीं हो पाई। इस बीच सामने आया कि सीए गुरुग्राम के एक अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। ऐसे में आयकर विभाग की टीम ने अपने हेडक्वार्टर से उनके घर के ताले तोड़कर जांच की परमीशन मांगी है।
दो किलो सोने की ज्वैलरी, सवा दो करोड़ नकदी सीज
आयकर विभाग की जांच में घनाराम ग्रुप और इससे जुड़े बिल्डरों के प्रतिष्ठानों से सवा दो करोड़ की नकदी, दो किलो सोने की ज्वैलरी बरामद की गई है। दस्तावेज न दिखा पाने पर इन्हें सीज कर दिया गया है। इसके अलावा पांच लॉकर और सीज किए गए हैं। एक दिन पहले भी इतने ही लॉकर सीज किए गए थे। ग्रुप के खिलाफ फर्जी बिलिंग के सबूत भी मिले हैं। 40 करोड़ से ज्यादा का नकद लेनदेन सामने आया है। इसके अलावा सात साल में हुई जमीन की खरीद की भी जांच की जा रही है।