संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महिलाओं को रोजगार के लिए प्रेरित करने वाली सखियों को तीन माह का मानदेय मिला है। करीब 150 से अधिक सखियां हैं, जिनका तीन महीने से मानदेय नहीं मिला था। यह सखियां अपने-अपने क्षेत्र में जैविक और प्राकृतिक खेती के किसानों को गुर सिखाती है। एनआरएलएम उपायुक्त बृजमोहन आंबेड ने बताया कि अजीविका सखियों को 2000 हजार रुपये मानदेय मिलता है। अप्रैल, मई और जून का मानदेय बाकी था। वहीं, जनपद में 200 विद्युत सखियां हैं जो बिजली का बिल, मीटर रीडिंग का कार्य अपने-अपने क्षेत्रों में करतीं हैं। इन्हें तीन हजार रुपये मानदेय प्रतिमाह दिया जाता है। इनका केवल जून माह का ही मानदेय रुका था, जो उन्हें दिया गया है।