झांसी। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में नगर निगम ने झांसी शहर को महज 20 साल पुराना बता दिया था। झांसी के गौरवशाली इतिहास के साथ हुए इस मजाक पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अफसरों की जमकर खिंचाई की। तब जाकर नगर निगम को अपनी गलती समझ में आई और अब जन्मतिथि खोजने के लिए नई कमेटी का गठन कर दिया गया है।
शासन द्वारा प्रदेश के नगरों का जन्मदिन मनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में झांसी नगर के सृजन की तिथि तय की जानी थी। इसके लिए नगर निगम के अफसरों को दो माह का लंबा समय भी मिला था। इसके बाद शासन को भेजी गई रिपोर्ट में झांसी की जन्मतिथि सात फरवरी 2002 बता दी गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक झांसी नगर महज 20 साल पुराना ही है। अमर उजाला के 30 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित खबर ‘झांसी के जन्मदिन की तारीख क्या है! अफसर बोले, सरकार.. 7 फरवरी 2002’ के जरिये नगर निगम की इस गलती की जानकारी लोगों तक पहुंची। सभी ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। लोगों का कहना रहा कि बेहद गंभीर विषय पर नगर निगम द्वारा भारी लापरवाही बरती गई है। निगम की इस करतूत ने वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई और उससे पहले के झांसी के स्वर्णिम इतिहास को दरकिनार कर दिया गया है।
इस पर भूल सुधार करते हुए अब नगर निगम ने महापौर की अध्यक्षता में नई कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी जनप्रतिनिधियों, इतिहासविदों व जनसामान्य के लोगों से सुझाव व प्रस्ताव लेकर झांसी की जन्मतिथि खोजेगी।
झांसी की जन्मतिथि खोजने के लिए नई कमेटी का गठन कर दिया गया है। महापौर की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी जन्मतिथि के संबंध में पुनर्विचार करेगी।
- पुलकित गर्ग, नगर आयुक्त
पार्षदों को भनक तक नहीं लगने दी
झांसी। मनोनीत पार्षद मनु सिंह ने नगर निगम की करतूत पर एतराज जताते हुए कहा कि निगम के अफसरों ने झांसी की जन्मतिथि खोजने की प्रक्रिया की पार्षदों को भनक तक नहीं लगने दी, जिसकी वजह से इतनी बड़ी गलती हुई। महापौर की पहल के बाद अब नई कमेटी गठित हुई है। जल्द सही तिथि तय कर ली जाएगी।