कोठी खाली न करने से उनके ऊपर 10.45 लाख रुपये की पेनाल्टी भी लगाई गई। इसी कॉलोनी में एक्सईएन आरके गुप्ता, सहायक अभियंता हाकिम सिंह कर्दम, साकेत चतुर्वेदी, शत्रुघ्न सिन्हा, साहिब सिंह, अशोक कुमार, आर कुमार गुप्ता भी तबादला होने के बाद भी आवास खाली नहीं कर रहे हैं। इनके ऊपर भी 5 से 7 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा चुका।
झांसी में सिंचाई विभाग के एक अधीक्षण अभियंता, दो एक्सईएन समेत पांच जेई-एई ऐसे हैं जिनके तबादले कई वर्ष पहले हो चुके लेकिन, उनका झांसी के सरकारी आवास से मोह नहीं छूट रहा। हाल यह है कि महकमे ने इन अफसरों पर मोटा जुर्माना भी लगा दिया फिर भी यह अफसर कोठियों को खाली करने पर राजी नहीं।
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सिंचाई विभाग की माताटीला कॉलोनी, सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी एवं सपरार इकाई में सरकारी बंगले हैं। माताटीला आवासीय कॉलोनी में तत्कालीन पंचम खंड के एक्सईएन सीपी सिंह का तबादला वर्ष 2017 में लखनऊ अनुसंधान एवं नियोजन खंड में हो गया है। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सरकारी कोठी उन्होंने खाली नहीं की। कोठी खाली करने के लिए उनको कई बाार नोटिस दिया गया लेकिन, कोठी पर उनका कब्जा बरकरार है।
कोठी खाली न करने से उनके ऊपर 10.45 लाख रुपये की पेनाल्टी भी लगाई गई। इसी कॉलोनी में एक्सईएन आरके गुप्ता, सहायक अभियंता हाकिम सिंह कर्दम, साकेत चतुर्वेदी, शत्रुघ्न सिन्हा, साहिब सिंह, अशोक कुमार, आर कुमार गुप्ता भी तबादला होने के बाद भी आवास खाली नहीं कर रहे हैं। इनके ऊपर भी 5 से 7 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा चुका।
सुकुवां-ढुकुवां आवासीय कॉलोनी में अधीक्षण अभियंता आरके सिंह ने भी तबादला होने के चार साल बाद भी कोठी डीए-13 खाली नहीं किया। यह आवास अभी तक उनके कब्जे में है। आवास आवंटन समिति के संयोजक मो.फरीद का कहना है कि तबादला होने के बाद भी जिन्होंने आवास खाली नहीं किए है उनको लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन सबसे किराया समेत जुर्माना भी वसूल किया जाएगा।