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Jhansi News: सर्जरी के बाद किसी बच्चे को मिला नया जीवन तो किसी को नई रोशनी

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- आरबीएसके के तहत 315 बच्चों की हुई दिल में छेद से लेकर जन्मजात मोतियाबिंद तक की सर्जरी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत झांसी मंडल में 315 बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी कराई गई है। इसमें किसी बच्चे का दिल का छेद ठीक होने के से उसे नया जीवन मिला है तो किसी का मोतियाबिंद ठीक होने से नई रोशनी। 34 बच्चों की सर्जरी होनी बाकी है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य जन्म से लेकर 18 साल तक के बच्चों के लिए फोर-डी बीमारियों की जल्द पहचान कर इलाज कराना है। फोर-डी का मतलब जन्म के समय दोष, कमियां, बीमारियां, विकलांगता सहित विकास में देरी शामिल है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में झांसी में 107, ललितपुर में 124 और जालौन में 118 बच्चे चिह्नित किए गए। इसमें जन्म से ही दिल में छेद होने वाले 42 बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन हो चुका है। इसके अलावा जन्मजात मोतियाबिंद की समस्या से जूझ रहे 20 बच्चों की भी सर्जरी हुई है और उन्हें नई रोशनी भी मिली है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के भी 28 बच्चों का ऑपरेशन हुआ है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट मस्तिष्क, रीढ़ या रीढ़ की हड्डी के जन्म दोष हैं। इसके अलावा भी अन्य बीमारियों के 225 बच्चों की सर्जरी हो चुकी हैं। एनएचएम का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
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