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Jhansi News: जीआईएस सर्वे के बाद अब नगर निगम वसूलेगा 28 करोड़ गृहकर

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अब तक एक लाख नए घरों को भेजा जा चुका गृहकर जमा करने का नोटिस
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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। नगर निगम अब वित्तीय वर्ष 2024-25 में 28 करोड़ रुपये गृहकर वसूलेगा। जीआईएस सर्वे के बाद एक लाख नए भवनों को भी गृहकर जमा करने का नोटिस नगर निगम द्वारा भेजा जा चुका है। 48 हजार से ज्यादा भवनों का गृहकर 25 फीसदी बढ़ गया है। ऐसे में निगम ने गृहकर का लक्ष्य भी करीब तीन करोड़ रुपये बढ़ा दिया है।
11 मार्च को नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट की मंजूरी दी गई। बजट में 260 करोड़ की आय और 277 करोड़ व्यय का अनुमान जताया गया। बजट में अगले वित्तीय वर्ष में 28 करोड़ रुपये गृहकर वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए लक्ष्य 25.11 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। बताया गया कि गृहकर का लक्ष्य निगम ने इसलिए बढ़ाया है, क्योंकि जीआईएस सर्वे के बाद महानगर की सीमा में गृहकर के दायरे में आने वाले भवनों की संख्या करीब दोगुनी हो गई है। आंकड़ों को देखें तो अब तक नगर निगम 1.12 लाख भवनों से गृहकर वसूलता था। मगर जीआईएस सर्वे के बाद अब 2.28 लाख भवनों से गृहकर लिया जाएगा। सर्वे में 1,24,058 नए भवन गृहकर के दायरे में आ गए हैं। इनमें से 1,00,485 भवनों को गृहकर जमा करने का निगम ने नोटिस भी जारी कर दिया है। वहीं, 48,055 ऐसे भवन प्राप्त हुए हैं, जिनका गृहकर 25 फीसदी बढ़ गया है। इनमें से 40,792 को भवन स्वामियों को गृहकर जमा करने का नोटिस भेजा गया है।
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लक्ष्य के सापेक्ष 130 फीसदी हुई गृहकर वसूली
मौजूदा वित्तीय वर्ष में नगर निगम प्रशासन को गृहकर से 36 करोड़ रुपये आय हो चुकी है, जो कि लक्ष्य का 130 फीसदी है। इसका कारण, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नगर निगम को वर्षों से बकाया पैसा एक साथ मिलना है। वहीं, गृहकर के दायरे में आए नए भवनों से निगम के खाते में 2.11 लाख और 25 फीसदी गृहकर बढ़ने वाले भवनों से 45 लाख रुपये आय हुई है।
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जीआईएस सर्वे के बाद गृहकर के दायरे में आने वाले भवनों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो गई है। अब अगले वित्तीय वर्ष में गृहकर से होने वाली आय का लक्ष्य 28 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। - धीरेंद्र मोहन कटियार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम।
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