अधिकारियों की माने तो प्राथमिक जांच में यहां पर पोटाश की उपस्थिति के संकेत मिले हैं। आगे के सर्वे और जांच में और सफलता की उम्मीद है। इसके साथ भूगर्भ वैज्ञानिक आर्य कुमार शर्मा और बृजमोहन की टीम मड़ावरा क्षेत्र की अल्ट्रामैफिक चट्टानों में प्लेटिनम खनिज की खोज का काम कर रही है।
ललितपुर में सोना, आयरन और रॉकफास्फेट के बाद ललितपुर और महोबा के भूगर्भ में अब पोटाश खोजा जा रहा है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के वैज्ञानिकों ने इसके लिए ललितपुर में काम शुरू कर दिया है। झांसी में भी पड़ताल की जाएगी। वैज्ञानिकों की टीम विंध्याचल की पहाड़ियों में पोटाश खनिज की उपस्थिति का पता लगाएगी। मड़ावरा के अल्ट्रामैफिक चट्टानों में प्लेटिनम की भी खोज की जाएगी।
विज्ञापन
विध्यांचल पर्वत की तलहटी में बसे ललितपुर की भूमि में खनिज तत्वों का व्यापक भंडार है। इसमें सोना, आयरन, रॉकफास्फेट, ग्रेनाइट के साथ-साथ अन्य उप खनिज भी पाए जाते हैं। अब जनपद से गुजरने वाली विंध्याचल की पहाड़ियों में पोटाश होने के संकेत मिले हैं। इसे खोजने के लिए लखनऊ से सर्वे के लिए सहायक भू वैज्ञानिक अमितोष वर्मा के नेतृत्व में आई टीम ने गिरार क्षेत्र में अपना डेरा डाल दिया है। इस टीम ने यहां की चट्टानों में पोटाश खनिज की उपस्थिति का पता लगाने का कार्य शुरू कर दिया है।
अधिकारियों की माने तो प्राथमिक जांच में यहां पर पोटाश की उपस्थिति के संकेत मिले हैं। आगे के सर्वे और जांच में और सफलता की उम्मीद है। इसके साथ भूगर्भ वैज्ञानिक आर्य कुमार शर्मा और बृजमोहन की टीम मड़ावरा क्षेत्र की अल्ट्रामैफिक चट्टानों में प्लेटिनम खनिज की खोज का काम कर रही है। हालांकि गिरार और इकौना में प्लेटिनम होने की पुष्टि हो चुकी है और प्रदेश स्तर से इसके ग्लोबल टेंडर भी जारी किए गए हैं। अगर सब कुछ ठीक रहा तो जनपद में मिलने वाले खनिजों में एक और खनिज तत्व पोटाश की भी उपस्थिति हो जाएगी।
विज्ञापन
झांसी और महोबा में भी खोजेंगे क्वार्टज रीफ
खनिज संसाधनों की खोज के लिए गठित की गई टीम में भूतत्व वैज्ञानिक प्रशांत, प्रभात और आशीष पालीवाल शामिल हैं। यह जनपद के ग्रेनाइट समूह की चट्टानों में क्वार्टज रीफ की तलाश करेगी। यह टीम झांसी और महोबा में भी क्वार्टज रीफ को खोजेगी। जबकि मऊरानीपुर में लौह अयस्क खोजने का काम साकिब अली अंसारी और सहायक भू भौतिकविद़ इंदू चौधरी की टीम करेगी।
उर्वरकों में पोटाश के साथ रॉकफास्फेट का भी उपयोग किया जाता है। रॉकफास्फेट का भंडार मड़ावरा तहसील के अंतर्गत ग्राम सौंरई और पिसनारी क्षेत्र में उपलब्ध है। इसे निकालने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।
लखनऊ भूगर्भ खनिकर्म विभाग से वैज्ञानिकों की टीम जनपद में आई है। वह मड़ावरा व गिरार क्षेत्र में खनिज तत्वों की खोज कर रही है। प्रमुख रूप से पोटाश और प्लेटिनम की खोज की जा रही है।- शशांक शर्मा, जिला खान अधिकारी
पांच महीने पहले हीरा खोजने आई थी टीम
जिले में सोना, प्लेटिनम, यूरेनियम, हीरा, रॉक फास्फेट होने के संकेत पूर्व में मिल चुके हैं। इनमें हीरा की प्रयोगशाला की रिपोर्ट आना अभी शेष है। इसकी खोज के लिए वैज्ञानिकों की टीम पांच महीने पहले ललितपुर आई थी। बताया जा रहा है कि उप खनिजों में क्वार्ट्ज, डायस्पोर, सैंडस्टोन, ग्रेनाइट भी यहां पाया जाता है।