झांसी/एरच। बेतवा नदी में पनडुब्बी से अवैध खनन की शिकायत पर छापेमारी कार्रवाई के दौरान नदी में कूदे मजदूर राज बहादुर का 72 घंटे बाद भी पता नहीं चला। सोमवार को उसकी तलाश के लिए हमीरपुर से महाजाल एवं गोताखोरों को एरच बुलाया गया था। उधर, पुलिस आसपास भी तलाश कर रही है।
डेरा बालू घाट पर शुक्रवार रात उपजिलाधिकारी क्षितिज कुमार द्विवेदी की अगुवाई में पुलिस टीम ने अवैध खनन की शिकायत पर छापेमारी की थी। पुलिस टीम पहुंचने पर पनडुब्बी में काम कर रहे तीनों मजदूरों ने बेतवा में छलांग लगा दी। कुछ देर बाद दो मजदूर नदी से बाहर निकल आए लेकिन, तीसरे मजदूर राज बहादुर का कुछ पता नहीं चला।
उसके लापता होने पर एरच पुलिस ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी। हमीरपुर से महाजाल समेत गोताखोर बुलाए गए। सोमवार सुबह महाजाल बेतवा नदी में डाला गया। गोताखोर भी बेतवा नदी में उतारे। कई घंटे की तलाश के बाद भी उसका सुराग नहीं मिला। पुलिस नदी में कूदे दोनों मजदूरों से पूछताछ में जुटी है। पुलिस का कहना है मंगलवार को भी अभियान चलाया जाएगा।
उधर, लापता मजदूर राज बहादुर (60) निवासी कुरोना का पता न चलने पर परिवार के लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
लापता मजदूर को तलाशने की कोशिश की जा रही है। संभावना जताई जा रही कि वह नदी से तैरकर दूसरी ओर निकलकर अपनी रिश्तेदारी में चला गया। उसकी रिश्तेदारी में भी तलाश की जा रही है। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
विवेक सिंह, क्षेत्राधिकारी गरौठा