अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बहुजन समाज पार्टी के भीतर छिड़ा घमासान खत्म नहीं हो रहा। महज 37 दिनों में ही फिर से संगठन में भारी उलटफेर हो गया। पिछले माह बनाए गए झांसी एवं ललितपुर के जिलाध्यक्ष हटाकर नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दे दी गई। इसके कई जिला प्रभारियों के दायित्व में भी बदलाव हुआ है। संयोजक रविकांत मौर्या को हटाकर उनको पैदल कर दिया गया। संगठन में दी गई सभी जिम्मेदारी वापस ले ली गई। पिछले दो साल से बसपा में जिलाध्यक्ष की कुर्सी चंद महीनों की रहती आई है। 22 मार्च को फेरबदल करते हुए झांसी के तत्कालीन जिलाध्यक्ष चंद्र दत्त गौतम को हटाकर पवन चौधरी को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। मंगलवार को नए बदलाव में उनकी जगह वरिष्ठ नेता मदल लाल अहरिवार को जिम्मेदारी दी गई। ललितपुर में भी कपिल अहिरवार की जगह अमन संतोष जिलाध्यक्ष बनाए गए हालांकि जालौन जिलाध्यक्ष बृजेश जाटव पद बचाने में कामयाब रहे। झांसी जिला प्रभारी के तौर पर मुन्ना पाल, मेवालाल प्रधान समेत ललितपुर में सुरेंद्र गौतम एवं रामकिशन बैजनाथ को जिम्मेदारी दी गई। झांसी मंडल का काम संभालने के लिए चार नेताओं की टीम बनाई गई। इसमें रामबाबू चिरगंईया, कैलाश सिंह यादव, डा.मदनराम एवं कैलाश पाल को शामिल किया गया है। समसुद्दीन राइन को भी इसमें जगह मिली है। वहीं, संगठन के सभी पदों से हटाए जाने के बाद पूर्व संयोजक रविकांत मौर्या ने कहा पार्टी ने जो फैसला किया, वह उसके मुताबिक काम करेंगे। नए बदलाव को लेकर तमाम बसपा नेताओं ने हर्ष भी जताया है।