नगर निगम के लेखा विभाग में दो लेखाकारों की तैनाती को लेकर पार्षद ने सवाल उठाए हैं। पार्षद ने एक लेखाकार के स्थानांतरण के बाद भी ज्वाइन न करने पर वेतन दिए जाने को फिजूलखर्ची बताते हुए महापौर और नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। वार्ड नंबर 50 के पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार ने पत्र में कहा है कि नगर निगम कोरोना के दौर में खर्च में कटौती कर रहा है। लेकिन लेखा विभाग में एक पद पर दो कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है। जबकि एक कर्मचारी का पिछले साल ही तबादला किया जा चुका है। बताया कि एक लेखाकार का 29 जून 2019 को तत्कालीन स्थानीय निकाय निदेशक ने तबादला कर दिया था। उनके स्थान पर तैनात किए गए लेखाकार ने एक फरवरी 2020 को ज्वाइनिंग कर ली, लेकिन लेखाकार ने तबादले के बाद पद नहीं छोड़ा। जबकि फरवरी से दोनों को वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने इसे अनावश्यक खर्च बताते हुए लेखाकार को कार्यमुक्त करने की मांग की है। महापौर ने नगर आयुक्त ने मामले का निस्तारण कराने के लिए कहा है।