झांसी। मां-बाप नौकरी करते रहे और बेटा घर में अकेला पड़ गया। आसपास के लोगों ने छानबीन के दौरान पुलिस को बताया कि मंगलवार से आकर्ष का स्कूल खुलने वाला था। इसके चलते सोमवार शाम को वह मां के पास से वापस लौटा था। यहां आने के बाद से वह काफी उदास था। सामान्य तौर पर आवासीय परिसर के बाहर लोग चहलकदमी करने बाहर आते हैं लेकिन, उदासी में आकर्ष सोमवार को घर से बाहर नहीं निकला। असिस्टेंट प्रोफेसर डा. एमके सिंह के पड़ोसियों का कहना था घर में सिर्फ दो लोग रहते थे। डा.सिंह पढ़ाने चले जाते थे। इस बीच आकर्ष पूरे घर में अकेला रहता था लेकिन, किसी को उसके इस तरह आत्मघाती कदम उठा लेने की उम्मीद नहीं थी। मंगलवार शाम जैसे ही उसके सुसाइड की बात विवि परिसर में फैली, सभी लोग हतप्रभ रह गए। किसी को आकर्ष केे सुसाइड कर लेने पर यकीन नहीं हो रहा था। उनका कहना था आकर्ष बेहद शांत सा रहने वाला बच्चा था। ब्यूरो