अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शनिवार की सुबह रुद्रप्रयाग में हुए हादसे में झांसी की एक युवती की मौत हो गई, जबकि दो घायल हैं। ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे पर टेंपो ट्रेवलर के अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में गिरने से हादसा हुआ। घटना के बाद से यहां मृतक व घायलों के परिजनों का बुरा हाल है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग के समीप रैंतोली में एक टेंपो ट्रेवलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने पैराफिट को तोड़ते हुए लगभग ढाई सौ मीटर नीचे अलकनंदा नदी के किनारे पर जा गिरा। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गाड़ी में 26 लोग सवार थे। इनमें से 14 की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हैं। मरने वालों में झांसी की युवती आकांक्षा भी शामिल है। जबकि, यहां की रहने वाली छवि और दिलदार नगर ईसाई टोला निवासी नमिता शर्मा घायल हैं। दोनों घायलों का इलाज उत्तराखंड के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
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शंकर जी का अभिषेक करने जा रही थी नमिता
हादसे में घायल नमिता की मां नीलम शर्मा ने बताया कि नमिता की दिल्ली में ससुराल है। उसकी चार साल पहले शादी हुई थी, जबकि नवंबर 2023 में उसके पति रजत की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। छह दिन झांसी में रहने के बाद नमिता बृहस्पतिवार को ही दिल्ली गई थी। उसने बताया था कि वह शनिवार को उत्तराखंड जाने वाली है। वहां उसे टुंगनाथ में शंकर जी का अभिषेक करना है। इसके बाद शनिवार की शाम भी उससे बात हुई थी। वह उत्तराखंड जाने की तैयारी में जुटी थी। शाम को वह दिल्ली से टेंपो ट्रेवलर में सवार हुई थी। इसके बाद उससे बात नहीं हुई। शनिवार की दोपहर ऋषिकेश एम्स के किसी कर्मचारी ने दिल्ली में रहने वाली नमिता की बड़ी बहन शुभेनु को उसके घायल होने की जानकारी दी। तब उन्हें हादसे के बारे में पता चला। मां ने बताया कि नमिता के दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया है। घटना के बाद से वह बेहद घबराई हुई है। वह बार-बार बेसुध हो जा रही है। नमिता झांसी के दिलदार नगर ईसाई टोला की रहने वाली है। उसके पिता मर्चेंट नेवी से रिटायर हैं, जबकि मां नीलम शर्मा सिविल डिफेंस की सक्रिय स्वयंसेवक हैं।