चिरगांव। टेलीकाम कंपनी में ठेकेदारी करने वाले एक व्यक्ति ने घर में फंदे से झूलकर जान दे दी। परिजनों ने बताया कि उसके पार्टनर ने पंद्रह लाख रुपये हड़प लिए थे। इससे परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस का कहना है कि अभी तक परिजनों द्वारा इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
चिरगांव के रामनगर मार्ग भरत मंदिर के पास रहने वाले मनोज त्रिपाठी (42) पुत्र मैथिलीशरण एक किराए के मकान में रहते थे। वह टेलीकाम कंपनी में लाइन बिछाने की ठेेकेदारी करते थे। उनकी ससुराल भी मोंठ के ग्राम कुम्हरार में थी। ससुराल में गमी होने के कारण उनकी पत्नी सुलेखा मायके गई थी। घर पर उनके दोनों बच्चे, जिसमें बेटी अनु (17) तथा बेटा अंबर (13) मौजूद थे । इसी बीच शनिवार की दोपहर में बच्चे कोचिंग पढ़ने चले गए। जब वह शाम को लौटे तो देखा कि कमरा अंदर से बंद है। जब आवाज लगाने पर नहीं खुला तो उन्होंने आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद घर का दरवाजा खोला गया तो मनोज का शव पंखे से लटक रहा था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की जेब से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था।
मृतक के बहनोई संजय ने बताया कि मनोज ने तीन साल पहले मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में स्थित अपना मकान पंद्रह लाख रुपये में बेचा था। यह रकम उसने अपने पार्टनर को दी थी। लेकिन, अब वो पैसा वापस नहीं कर रहा था। हालांकि, बीच में पार्टनर ने चेक दिए थे, जो खाते में धनराशि न होने की वजह से बाउंस हो गए। इससे मनोज मानसिक अवसाद की स्थिति में आ गया था। शनिवार को घर में वह अकेला था। इसी दरम्यान उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।