झांसी। खरीफ सीजन में हुई मूसलाधार बारिश से जनपद के एक लाख तैंतीस हजार किसानों की फसल खराब हुई थी, परंतु इनमें से अब तक 35 हजार को ही मुआवजा मिल पाया है। 98 हजार किसान अब भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।
खरीफ सीजन में सितंबर माह में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से जनपद में मूंग, उड़द व तिल की फसल को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से तहसीलवार खेतों का प्लाट टू प्लाट सर्वे कराया गया था, जिसमें जिले में 79.05 करोड़ रुपये की क्षति सामने आई थी। यह रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। इस राशि को शासन की ओर से अनुमन्य कर लिया गया था। बावजूद, मुआवजा वितरण की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि खरीफ सीजन में हुई क्षति का एक लाख तैंतीस हजार किसानों को मुआवजा दिया जाना है, परंतु इनमें से अब तक 35 हजार को ही मिल पाया है। इन किसानों को 13 करोड़ 62 लाख रुपये की धनराशि दी गई है।
प्रभावित किसानों में से लगभग एक लाख का डाटा फीड किया जा चुका है। शासन की ओर से अभी जितनी धनराशि उपलब्ध कराई गई थी वह किसानों के खाते में भेज दी गई है। जल्द ही बाकी धनराशि आने की संभावना है, तत्काल किसानों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
- आर एस वर्मा, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)