झांसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूल में प्रवेश के लिए आए आवेदन में से करीब 772 आवेदन निरस्त कर दिए गए। विभाग की माने तो वार्ड या फिर कई बार अधूरी जानकारी के कारण आवेदन निरस्त कर दिए जाते हैं।
निजी स्कूल में निर्धन परिवारों के बच्चों की शिक्षा के शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत नि:शुल्क दी जा रही है। निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश लिए जाते हैं। जिसमें गत सत्र में पंजीकृत 195 स्कूलों में 512 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। जबकि पहली लॉटरी में 1541 और दूसरी लॉटरी में 1122 आवेदन आए थे।
वहीं सत्र 2022-23 में आरटीई के पोर्टल पर जिले के 839 प्राइवेट स्कूलों में से लगभग 317 स्कूलों ने पंजीकरण कराया हुआ है। इस सत्र में आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रथम लॉटरी में 2000 आवेदन आए थे, जिसमें से 1692 सत्यापित किए गए। जिसमें से 517 आवेदन निरस्त कर दिए गए। वहीं दूसरी लॉटरी में 1144 आवेदन थे, जिसमें से 814 सत्यापित किए गए। इन 814 में से भी 214 आवेदन निरस्त किए गए। वहीं तीसरी लॉटरी में 244 आवेदन आए, जिसमेें से 51 आवेदन निरस्त कर दिए गए।
विभाग की माने तो कई अभिभावक फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर निजी स्कूलों में अपने बच्चे का प्रवेश कराने का प्रयास करते हैं। वहीं कई बार दूसरे वार्ड के स्कूलों में प्रवेश के आवेदन अक्सर निरस्त हो जाते हैं। कई बार दूसरे स्कूल में पढ़ रहे बच्चे का भी आरटीई के तहत प्रवेश कराने वाले आवेदन भी निरस्त हो जाते हैं।
आरटीई प्रभारी प्रतिमा शर्मा ने बताया कि गलत जानकारी और पूर्ण जानकारी के अभाव में ऑनलाइन ही कई फार्म रिजेक्ट हो जाते हैं। इस सत्र में डेढ़ हजार से अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए लॉटरी निकली थी। कितने बच्चे ने प्रवेश ले लिया है उसकी सूचना एकत्र कराई जा रही है।