झांसी। नियमानुसार सरकारी दफ्तरों के वाहन 15 साल पूरे होने के बाद उपयोग में नहीं लाए जाते हैं। आरटीओ के सूत्रों के अनुसार विगत वर्ष 600 वाहनों का पंजीकरण स्वत: निरस्त हो गया था। कई बार पत्र लिखने पर सिर्फ 39 वाहन ही सरेंडर हुए। पंजीकरण निरस्त होने के बाद इन वाहनों का संचालन नहीं किया जा सकता है। एआरटीओ डॉ. सुनीत कुमार सिंह ने बताया सरकारी कार्यालयों के 561 वाहन कंडम हो चुके हैं। सभी विभागों को पत्र लिखकर वाहन सरेंडर करके स्क्रैप की कार्यवाही पूरी करने में सहयोग मांगा है। ब्यूरो