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डी फार्मा में 50 फीसदी छात्र फेल

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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में डी फार्मा में प्रथम वर्ष की परीक्षा में 50 फीसदी छात्र-छात्राएं फेल हो गए हैं। अब विद्यार्थियों को दोबारा उसी कक्षा में पढ़ाई करनी पड़ेगी। फेल होने वाले छात्रों ने सिलेबस समय से पूरा न कराने का आरोप लगाया है। जबकि, शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थी पढ़ाई को लेकर गंभीर नहीं हैं।
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी कैंपस में डी फार्मा में 60 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। दो सप्ताह पहले बीयू की ओर से परीक्षा परिणाम जारी किया गया। इसमें लगभग 50 फीसदी छात्र-छात्राओं की ईयर बैक लग गई। कई और विद्यार्थी बैक के साथ अगली कक्षा में पहुंच गए। चूंकि, डी फार्मा कोर्स को लेकर भी जबरदस्त मारामारी रहती है। सीटों की तुलना में कई गुना आवेदन आते हैं। प्रवेश परीक्षा के जरिए इसमें एडमिशन होता है। ऐसे में एक साथ इतने अधिक छात्र-छात्राओं की ईयर बैक आने से फार्मेसी विभाग सवालों के घेरे में खड़ा हो गया है। छात्र-छात्राओं ने भी कुलपति को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया है कि विभाग में कुछ विषय का पेपर समय से पूर्ण नहीं हुआ। इसके अलावा एक विषय का प्रश्नपत्र सिलेबस के बाहर का आ गया। उन्होंने कुलपति से मामले में जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, इस मामले में फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष भारद्वाज का कहना है कि इस बार का डी फार्मा छात्रों का बैच अच्छा नहीं आया है। पढ़ाई को लेकर छात्र गंभीर नहीं हैं। परीक्षा के दौरान कॉपी खाली छोड़ दी है। छात्र चाहें तो कॉपियों की जांच करा सकते हैं। इस बार फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने पैटर्न में बदलाव कर दिया है। इस कारण बहुविकल्पीय सवाल अधिक आ गए हैं। उत्तर सही होने पर पूरे और गलत होने पर एक भी अंक नहीं मिलता है।
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