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Jhansi News: झांसी में 33 बच्चों का हुआ जन्म, किसी ने राम तो किसी ने सीता रखा नाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन सोमवार को झांसी में 33 बच्चों का जन्म हुआ। बेटे का जन्म होने पर परिजनों ने राम, राघव तो बेटी के जन्म पर सिया और सीता नाम रखा। परिजनों ने मिठाइयां भी बांटीं। ऐतिहासिक दिन पर बच्चों के जन्म पर अस्पतालों में भी जश्न जैसा माहौल रहा।
इस ऐतिहासिक घड़ी को लेकर पहले से ही कई महिलाओं ने डिलीवरी की तिथि तय कर रखी थी। शुभ दिन पर ज्यादातर लोगों ने पूर्व निर्धारित समय पर ही डिलीवरी कराई। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सात डिलीवरी हुईं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनी गौतम ने बताया कि एक प्रसूता ने अपने बेटे का नाम राम और दूसरी ने बेटी का नाम सिया रखा है। जबकि, महिला अस्पताल में सात बच्चों का जन्म हुआ। वहीं, 19 डिलीवरी निजी अस्पतालों में हुईं। इसमें नारायण और किलकारी अस्पताल में पांच-पांच, मेवा चौधरी और बंसल हॉस्पिटल में दो-दो और बुंदेलखंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, केदारनाथ अस्पताल, अग्रवाल नर्सिंगहोम, लक्ष्मण सेठ, जेबी हॉस्पिटल में एक-एक बच्चे का जन्म हुआ। झांसी नर्सिंगहोम एसोसिएशन के सचिव डॉ. राजीव त्रिपाठी ने बताया कि केदारनाथ हॉस्पिटल में बेटी को जन्म देने वालीं जालौन की मेघा खरे ने बच्ची का नाम सीता रख दिया। वहीं, बंसल हॉस्पिटल में बेटी के जन्म पर मां रक्षा शर्मा ने उसका नाम सिया रखा। नारायण हॉस्पिटल में जन्म लेने वाले दो लड़कों का नाम परिजनों ने राम और राघव रखा। कई और बच्चों के नाम भी प्रभु श्रीराम और माता सीता के नाम पर पड़े। इस दिन बच्चे का जन्म होने पर परिजनों में जबरदस्त खुशी दिखी।
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450 से ज्यादा मरीजों से नहीं ली ओपीडी फीस
झांसी के 28 नर्सिंगहोमों ने 22 जनवरी को ओपीडी फीस न लेने का ऐलान किया था। झांसी नर्सिंगहोम एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दिन 28 नर्सिंगहोमों में ओपीडी में दिखाने आए 450 से ज्यादा मरीजों को नि:शुल्क देखा गया। अस्पतालों में दीपोत्सव भी मनाया गया।
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