फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi News: 287 लोगों को जान देकर चुकानी पड़ी हेलमेट न पहनने की कीमत

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन


झांसी। सड़क हादसे के दौरान सिर में लगी चोट मौत की सबसे बड़ी वजह बनती है। आंकड़े बताते हैं पिछले दो साल में 287 दोपहिया वाहन सवार लोगों की मौत सिर में गहरी चोट आने से हुई। यदि ये लोग हेलमेट लगाए होते तो इनकी जान बच सकती थी।

झांसी से होकर झांसी-ललितपुर, झांसी-शिवपुरी, झांसी-खजुराहो एवं झांसी-कानपुर हाईवे गुजरता है। हाईवे पर वाहनों की रफ्तार खूब रहती है। इस वजह से रोजाना हाईवे पर हादसे होते हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले दो साल के दौरान कुल 1400 हादसे हुए, इनमें 617 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हादसों में जो लोग जान गवां रहे हैं, उनमें बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों की संख्या सर्वाधिक है। दो साल में 287 दो पहिया वाहन चालक ऐसे थे, जिनकी मौत सिर में गहरी चोट आने से हुई। हेलमेट न लगाने से उनको यह गहरी चोट आई। इनमें युवाओं की संख्या सर्वाधिक है।
विज्ञापन


हेलमेट के लिए पुलिस सख्ती करती है। चालान होते हैं, फिर भी लोग हेलमेट नहीं लगाते। कई दफा तो हेलमेट बाइक पर टंगा होता है, लेकिन पहनते नहीं हैं। यही वजह है कि हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने के बाद जान चली जाती है।

केस एक-

11 जून को गुरसराय के नारायणपुरा का अमित कुशवाहा अपने दो दोस्तों के साथ लौट रहा था। हादसे में तीनों सड़क पर जा गिरे। अमित समेत उसके दोस्त की मौत हो गई। दोनों की मौत सिर में आई गहरी चोट की वजह से हुई।


केस दो

चार मई को बेतवा पुल के आगे ध्वानी गांव में हुए सड़क हादसे में टहरौली किला के प्रधान के बड़े भाई अनिल जैन की मौत हो गई। उनकी बाइक को तेज रफ्तार दूसरी बाइक ने टक्कर मार दी थी। उनकी मौत सिर में गहरी चोट लग जाने से हुई थी। चिकित्सकों के मुताबिक अगर हेलमेट पहना होता तो सिर सुरक्षित होता।

केस तीन


नौ अप्रैल को उल्दन के रजपुरा निवासी हरेंद्र को हाईवे पर चार पहिया वाहन ने टक्कर मार दी। पूजा करके वह घर लौट रहा था। टक्कर लगने के बाद हरेंद्र सिर के बल सड़क पर जा गिरा। सिर पर गहरी चोट आ जाने से अचेत हो गया। डॉक्टरों का कहना था कि सिर में गहरी चोट लग जाने से उनकी जान चली गई।


केस चार


30 मई को एरच के सगौली गांव निवासी अरविंद (27) की जान चली गई। हादसे से कुछ दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसके सिर में गहरी चोट आई थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन



00

दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट लगाने के लिए जागरूक किया जाता है। हेलमेट न लगाने वाले वाहन चालकों का चालान भी किया जाता है।

आलोक अग्रहरि
सीओ ट्रैफिक

00

हादसे में सबसे अधिक मौत सिर में चोट लगने से होती है। इमरजेंसी में आने वाला तकरीबन हर तीसरा मामला हेड इंजरी का होता है। दिमाग में खून फैल जाने से घायल को बचाना काफी मुश्किल हो जाता है।
डा. दिनेश शुक्ला, न्यूरो सर्जन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें