- एनएचएआई पर सर्वाधिक 15 ब्लैक स्पॉट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनपद में 23 स्थान ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिन्हित किए गए हैं। इन जगहों पर दुर्घटना की सबसे अधिक आशंका होती है। इस नाते इनको ब्लैक स्पॉट माना गया है। पिछले एक साल के दौरान झांसी में कुल 340 लोग सड़कों पर अपनी जान गवां चुके। सर्वाधिक 15 ब्लैक स्पॉट एनएचएआई की सड़कों पर चिन्हित हुए हैं।
पिछले साल जनपद की सड़कों पर कुल 735 हादसे हुए। इसमें 340 लोगों की मौत हो गई। आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक हादसे एनएचएआई और स्टेट हाइवे पर हुए। दोनों में मिलाकर 250 से अधिक हादसे हुए। लोक निर्माण विभाग, संभागीय परिवहन विभाग समेत अन्य महकमों ने मिलकर जनपद के सर्वाधिक हादसे वाले स्थान चिन्हित किए। इनमें 15 ब्लैक स्पॉट एनएचएआई की सड़कों पर जबकि आठ पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर पाए गए। जिन जगहों को ब्लैक स्पॉट माना गया उनमें बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज गेट नंबर दो, आड़ी सड़क, मैंगाव तिगैला, संकरी पुलिया हाईवे, कचहरी चौराहा,अमरा, भुजौंद, चिरगांव तिराहा, बरल बाईपास, अमरा हाइवे कट, ढेरी पुलिया, साई कुआं, खिल्ली हाइवे, एरच रोड हाइवे, मुस्कान ढाबा के पास, सेमरी बाईपास, बराठा कट हाईवे, भगवंतपुरा, बंगरा, धनुषधारी पेट्रोल पंप, मऊरानीपुर, सिजवाहा तिराहा शामिल हैं।
इनसेट
इन सड़कों पर हादसे सड़कों के प्रकार मृतकों की संख्या राष्ट्रीय राजमार्ग 98 स्टेट हाइवे 41 मुख्य जिला मार्ग 37 अन्य जिला मार्ग 34 ग्रामीण सड़क 32 संपर्क मार्ग 3स्थानीय मार्ग 23 अन्य 65कुल 340
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ब्लैक स्पाॅटों की नियमित समीक्षा होती है। वहां जो सुधार की आवश्यकता होती है, वह कराया जाता है। इलाइट चौराहा, जीवनशाह तिराहा आदि में सुधार करके उसे ब्लैक स्पॉट से बाहर किया गया। जो नए ब्लैक स्पाॅट हैं, उनको भी दुरुस्त कराया जाएगा।
दीपांकर चौधरी, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी
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हेलमेट न लगाने वालों की सबसे अधिक मौतें
हाईवे पर हुई दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौत दोपहिया वाहन चालकों की हुईं। आंकड़ों के मुताबिक ट्रैफिक नियम तोड़ने की वजह से कुल 401 हादसे हुए इनमें सर्वाधिक 170 लोगों की जान गई। इनमें से अधिकांश दो पहिया वाहन चालक हैं। दुर्घटना के बाद सिर में आई गहरी चोट की वजह से उनको जान गंवानी पड़ी। चालक की गलती से 80, खतरनाक मोड़ की वजह से 29 लोगों ने अपनी जान गंवाई।