झांसी। केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में सुफलाम-2022 में आए आईसीएआर के उप महानिदेशक डॉ. एसके चौधरी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि 2030 तक रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल 25 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य सरकार का है। इसे कम किया भी जा सकता है। आईसीएआर के पास तकनीकी है। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में ऑर्गेनिक कार्बन के स्टोरेज की बहुत संभावना है।
उप महानिदेशक ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने परंपरागत कृषि विकास योजना शुरू की है। चुनिंदा किस्मों और क्षेत्रों में कार्बनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। बताया कि जैव उर्वरकों का उत्पादन और खपत दोनों में इजाफा हो रहा है। कार्बनिक पदार्थ का उत्पादन भी बढ़ा है। अब तो प्राकृतिक खेती की बात चल रही है, इसको भी चिह्नित क्षेत्रों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में चार-पांच साल से प्राकृतिक खेती लोग कर भी रहे हैं, इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसलिए जहां-जहां संभव है, वहां ये होनी चाहिए।