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Jhansi News: दाखिले के बाद परिषदीय स्कूलों से गायब हो गए 20 हजार बच्चे

Thu, 21 Mar 2024 01:13 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। जिले के परिषदीय स्कूलों से 20810 बच्चे दाखिले के बाद गायब हो गए हैं। यह बच्चे न तो स्कूल आए हैं और न ही इनकी कोई जानकारी विभाग को मिल रही है। केंद्र सरकार के यू डायस पोर्टल पर 20 हजार बच्चों का डाटा अपडेट न होने की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा विभाग के अफसर सकते में हैं। माना जा रहा है कि स्कूलों में बच्चों के फर्जी प्रवेश हुए हैं। इसे लेकर बीएसए ने शिक्षकों को अंतिम बार बच्चों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। 31 मार्च के बाद बच्चों को स्कूल से ड्राप आउट मान लिया जाएगा।
सरकार के यू-डायस पोर्टल पर विद्यार्थियों का डाटा अपलोड और अपडेट किया जाता है। गत सत्र में परिषदीय विद्यालयाें में 1,45,122 विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया था। लेकिन इस वर्ष सिर्फ 1,31,066 विद्यार्थियों का डाटा ही पोर्टल अपडेट किया गया है। पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक 20810 विद्यार्थी ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने पिछले साल परिषदीय स्कूलों में प्रवेश तो लिया, लेकिन स्कूल में पढ़ने नहीं गए। साथ ही इस बार भी इन बच्चों का नाम तो स्कूल की सूची में है, लेकिन यह स्कूल नहीं आ रहे हैं। इन बच्चों को कोई डाटा अपडेट नहीं हैं। बीएसए कार्यालय से कई बार शिक्षकों को ऐसे बच्चों का डाटा अपडेट करने के लिए कहा गया, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि ये बच्चे गांव में ही नहीं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन बच्चों को स्कूल में फर्जी प्रवेश दिलाया गया है। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम होने के बाद विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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इसे लेकर बीएसए नीलम यादव ने आदेश जारी किया है कि जल्द से जल्द 20810 विद्यार्थियों का डाटा अपडेट किया जाए। एक अप्रैल के बाद शासन द्वारा इन विद्यार्थियों को ड्राप आउट में शामिल कर लिया जाएगा।
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दो स्कूलों में पढ़ते मिले थे विद्यार्थी
यू डायस पोर्टल की एक रिपोर्ट के मुताबिक जिले में करीब तीन हजार बच्चे दो स्कूलों में पढ़ते मिले थे। ये बच्चे परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत थे और पढ़ाई निजी स्कूल में कर रहे थे। ऐसा माना गया था कि शिक्षकों ने स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए बच्चों के फर्जी नाम लिख दिए गए थे। मामले में अफसरों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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वर्जन


पोर्टल पर ड्राप बाक्स में दिख रहे बच्चों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। मार्च के अंत तक डाटा अपडेट नहीं हुआ तो ये विद्यार्थी ड्राप आउट माने जाएंगे। - नीलम यादव, बीएसए
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