झांसी। कोरबा से अमृतसर जाने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस (18237) की पैंट्रीकार में खाने-पीने की वस्तुओं के लिए यात्रियों से मनमाने पैसे वसूले जा रहे थे। यात्रियों की शिकायत थी कि पंद्रह रुपये की पानी की बोतल बीस रुपये में, दस रुपये का समोसा बीस रुपये का एवं सौ रुपये में मिलने वाले खाने के पैकेट के लिए डेढ़ सौ रुपए वसूले जा रहे थे। पैंट्रीकार कर्मियों की वसूली से परेशान यात्रियों ने इसकी शिकायत कंट्रोल रूम में कर दी। झांसी स्टेशन से गाड़ी के आगे बढ़ने पर जैसे ही वह मुरैना स्टेशन पर पहुंची, सीनियर डीसीएम (द्वितीय) देवानंद यादव की अगुवाई में जांच टीम ने छापा मारा। टीम के छापा मारते ही वेंडरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई वेंडर गाड़ी के खड़ी होते ही कूदकर भाग निकले। जब टीम ने जांच पड़ताल शुरू की तब यात्रियों की ओवर रेटिंग की शिकायत सही पाई। यात्रियों ने बताया कि कई खाने पीने की वस्तुओं के दाम निर्धारित मूल्य से अधिक लिए जा रहे हैं। इस दौरान कई अवैध वेंडरों को भी टीम ने गाड़ी के अंदर पकड़ा।
24 अन्य ट्रेनों में भी सचल दस्ते का छापा
अनियमित एवं बेटिकट यात्रियों की धरपकड़ के लिए सचल दस्ते ने सोमवार को झांसी मंडल से होकर गुजरने वाली 24 अन्य ट्रेनों में छापा मारा। इस दौरान कुल 600 यात्रियों से 3.59 लाख रुपये पेनाल्टी वसूला। इसके अलावा स्टेशन पर गंदगी फैलाने, बिना बुक लगेज समेत अन्य
पर भी यात्रियों से जुर्माना वसूला।