झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा फरवरी में होगी। अभी विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के लिए पेपर बनवाने का काम भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में रिजल्ट निकलने और साक्षात्कार होने के बाद अप्रैल से छह महीने का कोर्स वर्क शुरू होगा।
बीयू ने 31 दिसंबर तक पीएचडी के लिए आवेदन खोले थे। निर्धारित तिथि तक 45 विषयों के लिए 1448 आवेदन आए हैं। सर्वाधिक शिक्षाशास्त्र में 203 फॉर्म भरे गए हैं। वहीं, बायोमेडिकल साइंस में महज एक आवेदन आया है। चूंकि, विश्वविद्यालय में इन दिनों नैक की तैयारी चल रही है। ऐसे में कई शिक्षकों ने क्लास में पढ़ाना तक छोड़ दिया है। वहीं, अब तक पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के लिए पेपर भी तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में पीएचडी की प्रवेश परीक्षा फरवरी में हो सकेगी। इसके एक सप्ताह बाद रिजल्ट जारी होगा। इसके बाद परीक्षा में पास होने वाले और नेट, जेआरएफ या उसके समकक्ष परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों के साक्षात्कार शुरू होंगे। इसमें शैक्षणिक स्कोर (गुणांक) को भी जोड़ा जाएगा। इसके आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को कोर्स वर्क की फीस जमा करने के लिए दस दिन का समय दिया जाएगा। फिर अप्रैल से कोर्स वर्क शुरू हो सकेगा।
45 विषयों में पीएचडी के लिए 1448 आवेदन आ चुके हैं। फरवरी में इसकी परीक्षा कराई जा सकती है। - प्रो. एसपी सिंह, डीन एकेडमिक, बीयू।