महानगर के वार्ड संख्या 11, 14, 34, 43, 44, 49, 51, 53, 55, 56, 57, 59, 61 में अन्य वार्डों के मुकाबले आबादी काफी घनी है। नगरीय निकाय अधिनियम के तहत घनी बस्तियों में व्यापार के उद्देश्य से पशुपालन करना अथवा डेयरी का संचालन करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
झांसी महानगर में घनी आबादी वाले तेरह वार्डों को डेयरी संचालन के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब इन वार्डों में डेयरी का संचालन करने पर नगर निगम द्वारा जुर्माने की वसूली की जाएगी। नगर निगम के सफाई निरीक्षकों ने वार्डों का सर्वे शुरू कर दिया है।
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महानगर के वार्ड संख्या 11, 14, 34, 43, 44, 49, 51, 53, 55, 56, 57, 59, 61 में अन्य वार्डों के मुकाबले आबादी काफी घनी है। नगरीय निकाय अधिनियम के तहत घनी बस्तियों में व्यापार के उद्देश्य से पशुपालन करना अथवा डेयरी का संचालन करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। जिसके तहत नगर निगम के अधिकारियों ने शहर के इन तेरह वार्डों को डेयरी अथवा तबेला मुक्त कर दिया है।
नगर निगम द्वारा डेयरी के सर्वे की जिम्मेदारी सफाई निरीक्षकों को सौंपी गई है। सर्वे के आधार पर ही डेयरी अथवा तबेला संचालकों के खिलाफ जुर्माने की वसूली की जाएगी। जिसके तहत प्रति पशु पांच सौ रुपये के हिसाब से वसूली होगी। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि घनी आबादी वाले तेरह वार्डों में डेयरी संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। सफाई निरीक्षकों द्वारा वार्डों का सर्वे कराया जा रहा है। डेयरी का संचालन होने पर जुर्माने की वसूली की जाएगी।