लॉकडाउन में ट्रेनों के पहिये थमने से पिछले एक महीने में रेल मंडल को 129 करोड़ का नुकसान हो चुका है। रेलवे को यह आमदनी वाणिज्य विभाग के अलग- अलग स्रोतों से प्राप्त होती है। कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च से ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बंद चल रहा है। इससे रेलवे की आमदनी के स्रोत घट गए हैं। वाणिज्य विभाग के पास राजस्व अर्जित करके देने की जिम्मेदारी है। रेलवे को आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री, मालगोदाम, पार्सल, वाहन स्टैंड, खानपान स्टॉल पर अन्य स्रोतों से आय होती है। रेल मंडल को हर महीने औसतन आरक्षित टिकटों से 36.14 करोड़, अनारक्षित (सामान्य टिकट) से 28.49 करोड़, मालगोदाम से 46.90 करोड़ व अन्य स्रोतों से 8.09 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। इस हिसाब से रेलवे को अभी तक 129 करोड़ 62 लाख का नुकसान हो चुका है। रेल मंडल में 158 रेलवे स्टेशन हैं। यहां से प्रतिदिन 130 सवारी गाड़ियां गुजरतीं हैं, जो भोपाल, प्रयागराज, कानपुर और दिल्ली रूट पर दौड़ती हैं। मंडल के झांसी, ग्वालियर, ललितपुर, भीमसेन, उरई, बांदा, महोबा, चित्रकूट, मुरैना प्रमुख स्टेशन हैं।